दुर्गे दुर्घट भारी
Durge Durgat Bhari
Aartiदुर्गाMarathi
दुर्गे दुर्घट भारी तुजविणं संसारी ।।
Jai Ambe Gauri
Also known as: Ambe Maa Aarti, Durga Aarti Hindi, अम्बे माँ आरती
Source: Traditional Hindi
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवजी ॥
जय अम्बे गौरी ।
माँग सिन्दूर विराजत, टीका मृगमद को ।
उज्ज्वल से दो नैना, चन्द्रवदन नीको ॥
जय अम्बे गौरी ।
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे ।
रक्ताम्बर राजे, लहरिया सा साजे ।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजे ॥
जय अम्बे गौरी ।
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी ।
सुर नर मुनि जन सेवत, तिनके दुःखहारी ॥
जय अम्बे गौरी ।
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